नितिन गडकरी ने दी खुशखबरी बांदीकुई लिंक का काम हुआ पूरा | दिल्ली-जयपुर यात्रा अब सिर्फ 3 घंटे में.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2,016 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 66.916 किमी लंबे बांदीकुई स्पर के पूरा होने की घोषणा की. यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे को जयपुर से जोड़ता है, जिससे यात्रा समय 4 घंटे से घटकर 3 घंटे हो जाएगा.
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे को जयपुर से जोड़ने वाला 66.916 किलोमीटर लंबा, 4-लेन वाला बांदीकुई स्पर का निर्माण पूरा हो गया है. इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट की कुल लागत 2,016 करोड़ रुपये है. यह नया मार्ग दिल्ली और जयपुर के बीच यात्रा को और आसान बनाने वाला है.
नितिन गडकरी ने अपने ट्वीट में बताया कि यह प्रोजेक्ट स्ट्रैटेजिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. पहले दिल्ली और जयपुर के बीच कोई सीधा मार्ग नहीं था. इसकी वजह से यात्रियों को लंबी और ईंधन खर्च करने वाली यात्राएं करनी पड़ती थीं. अब बांदीकुई स्पर के जरिए दोनों शहरों के बीच पहुंच-नियंत्रित (access-controlled) कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी. जिससे यात्रियों को काफी सुविधा होगी और पहले होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगीं.
इससे घटेगा यात्रा का समय
इस नए स्पर के शुरू होने से दिल्ली-जयपुर के बीच यात्रा का समय 3 घंटे 45 मिनट से घटकर केवल 3 घंटे रह जाएगा. यह न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग NH-48 और NH-21 पर भीड़भाड़ को भी कम करेगा. इससे यात्रियों को सुगम और तेज यात्रा का अनुभव मिलेगा. साथ ही कम ईंधन खपत से पर्यावरण को भी फायदा होगा. इसके बहुआयामी लाभ हमको जल्द देखने को मिलेंगे. यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सड़क परिवहन को बेहतर बनाने के प्रयासों का हिस्सा है. बांदीकुई स्पर न केवल दिल्ली और जयपुर के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा, बल्कि राजस्थान और दिल्ली के बीच व्यापार और पर्यटन को भी प्रोत्साहन देगा. जिससे दोनों राज्यों की इकोनॉमी को लाभ मिलेगा और लोगों का रोजगार मिलेगा.
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर क्यों लगता है ज्यादा टाइम?
बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद अधिकतर लोग खासकर दिल्ली की तरफ से आने वाले लोग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से होते हुए जयपुर पहुंचेंगे. उन्हें इस मार्ग को अपनाने से डेढ़ से दो घंटे की बचत होगी. दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव अधिक होने की वजह से लोगों को आने-जाने में अधिक समय लगता है.
मेन एक्सप्रेसवे पर कहीं भी वाहन नहीं रुकेगा
जयपुर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नहीं पड़ता है. इस वजह से जयपुर जाने वाले लोग इसका उपयोग नहीं करते हैं. इसे देखते हुए दौसा मोड़ के नजदीक बांदीकुई से लेकर जयपुर तक चार लेन का एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा था. जो अब बनकर तैयार हो गया है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की तरह ही बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेसवे पर कहीं भी टोल प्लाजा नहीं होगा. एंट्री व एग्जिट प्वाइंट पर टोल सिस्टम लगेगा जिससे मुख्य मार्ग पर कहीं भी वाहन नहीं रुकेगा.
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