डेढ़ घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो चुनाव आयोग भी नहीं कह पाया, राहुल गांधी ने बिहार की जनसभा में वो सरेआम ऐलान कर दिया
चुनावी हलचल के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार में तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है. ज्ञानेश कुमार ने राहुल से 7 दिनों में चुनाव से जुड़े अपने आरोपों का हलफनामा देने की बात कही तो कांग्रेस नेता ने इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर उन पर कार्रवाई की जाने की बात कह डाली.
विधानसभा चुनाव होने हैं बिहार में. लेकिन चुनावी जंग छिड़ गई है राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच. कांग्रेस नेता ने अपने तेवर को सख्त करते हुए कहा है कि केंद्र में इंडिया गठबंधन की हमारी सरकार बनी तो ‘वोट चोरी’ को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उनका यह भी कहना है कि ‘वोट चोरी’ के जरिये भारत माता पर हमला किया जा रहा है.
विधानसभा चुनाव होने हैं बिहार में. लेकिन चुनावी जंग छिड़ गई है राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच. कांग्रेस नेता ने अपने तेवर को सख्त करते हुए कहा है कि केंद्र में इंडिया गठबंधन की हमारी सरकार बनी तो ‘वोट चोरी’ को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उनका यह भी कहना है कि ‘वोट चोरी’ के जरिये भारत माता पर हमला किया जा रहा है.
राहुल गांधी पहले बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रकिया के खिलाफ लगातार आक्रामक तेवर अपनाए हुए थे, और अब ‘वोट चोरी’ को लेकर वह चुनाव आयोग पर हमलावर हैं. वह लगातार हमले कर रहे हैं. ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाने के बाद अब वह बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाल रहे हैं. 16 दिनों की यह यात्रा 20 जिलों में निकाली जाएगी और 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. इस यात्रा में राहुल अकेले नहीं हैं और उनके साथ विपक्ष के कई नेता भी शामिल हैं. इस यात्रा ने बिहार मेंं अभी से चुनावी माहौल बना दिया है.
गया रैली में राहुल का एक्शन लेने का ऐलान
चुनाव में धांधली को लेकर राहुल गांधी के तेवर तीखे होते जा रहे हैं. कांग्रेस नेता के लगातार हमलों के बाद चुनाव आयोग ने रविवार को अपनी पीसी में कहा कि राहुल को अपने आरोपों पर 7 दिन में शपथपत्र जमा करना होगा, वरना उनके दावे अमान्य माने जाएंगे. उनके इसी जवाब के अगले दिन सोमवार को राहुल गांधी ने गया में रैली के दौरान यह ऐलान कर दिया कि केंद्र और बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनी तो ‘वोट चोरी’ को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने सोमवार को गया में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘चुनाव आयोग कहता है कि एक हफ्ते के अंदर हलफनामा दो, जबकि जिम्मेदार वह है, चोरी उनकी पकड़ी गई. मुझसे कहते हैं कि हलफनामा लाओ. मैं आयोग से कहना चाहता हूं कि पूरा देश आपसे हलफनामा मांगेगा. हम हर राज्य, हर लोकसभा क्षेत्र, हर विधानसभा क्षेत्र में आपकी चोरी पकड़ेंगे और पूरे देश को दिखाएंगे.
माफी मांगे या हलफनामा दाखिल करेंः CEC
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में वोट चोरी के आरोप लगाने और बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के मुद्दे पर विपक्ष के लगातार हमले के बाद अपनी पहली प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि या तो राहुल गांधी माफी मांगें या चुनावी नियमों के तहत हस्ताक्षरित हलफनामे के साथ अपने दावों को पेश करें.
उन्होंने भी तीखे अंदाज में कहा, “वह हलफनामा दें या देश से माफी मांगें. इस मामले में कोई तीसरा विकल्प नहीं है. अगर उनकी ओर से अगले 7 दिनों में हलफनामा नहीं दिया जाता है, तो दावे निराधार और अमान्य माने जाएंगे.” हालांकि अपने करीब डेढ़ घंटे की लंबी पीसी के दौरान ज्ञानेश कुमार ने हलफनामा नहीं जमा कराए जाने की सूरत में क्या एक्शन लेंगे, इस पर कुछ नहीं कहा था.
गलत सूचना फैला रहे विपक्षी दलः CEC
इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोहरे मतदान और वोट चोरी जैसे आरोपों को भी निराधार करार दिया और कहा कि सभी हितधारक पारदर्शी तरीके से एसआईआर प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “यह गंभीर चिंता का विषय है कि कुछ राजनीतिक दल और उनके नेता बिहार में एसआईआर को लेकर गलत सूचना फैला रहे हैं. ये दल ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं.”
राहुल गांधी ने पिछले महीने 31 जुलाई को चुनाव में वोट चोरीका आरोप लगाते हुए, एक प्रजेंटेशन के जरिए लोकसभा चुनाव 2024 के आंकड़ों का हवाला दिया और दावा किया कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक वोट चोरीहुए थे. राहुल ने कर्नाटक के अलावा अन्य राज्यों में भी चुनाव को लेकर इसी तरह की अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था. हालांकि कई राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों ने राहुल से उनके दावों पर शपथपत्र दाखिल करने को कहा था, लेकिन गांधी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया.
हम धमकियों से नहीं डरतेः कांग्रेस
चुनाव आयोग की ओर से हलफनामा मांगे जाने के बाद कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त की धमकियों से डरने वाली नहीं है. खेड़ा ने कहा, “वोटर अधिकार यात्रा का असर यह है कि इसकी शुरुआत होते ही ज्ञानेश कुमार गुप्ता को संवाददाता सम्मेलन करना पड़ा. जब कल वह प्रकट हुए तो धमकी दी कि हलफनामा दो या फिर माफी मांगो. लेकिन वह शायद भूल गए कि हम धमकियों से नहीं डरते.”
बिहार में चुनाव से पहले राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू की है. उन्होंने सोमवार को दूसरे दिन की यात्रा औरंगाबाद के कुटुंबा से शुरू की, जो रफीगंज होते हुए गया जिले में पहुंची. इस यात्रा में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी समेत महागठबंधन के कई अन्य नेता शामिल हुए
कोई टिप्पणी नहीं